• +91-9560035691 +91-8588931516
  • Change Language :
  • हिंदी

कविता: समय, समाज और विचारधारा (परिचर्चा)

180 /-  INR
उपलब्धता: स्टॉक में है
कैटेगरी: अन्य
भाषा: हिन्दी
आईएसबीएन: 978-93-94061-86-6
पृष्ठ: 156
प्रकाशन तिथि:
विशलिस्ट में जोड़ें Buy on Amazon
कार्ट में डालें Buy on Amazon

कविता विवेक के सामंजस्य के साथ मनुष्य–हृदय की आवाज है । कविता को जीवन प्राप्त करने या जीवित रहने के लिए अपने जीवन्त समय, संघर्षशील समाज और विकासशील अग्रगामी विचारधारा से सम्पृक्त रहना अनिवार्य है । इनके अभाव में कविता कविता नहीं होती, और चाहे जो कुछ भी हो । कविता के पास बहुआयामी प्रखर दृष्टि होती है, जो वर्तमान, अतीत और भविष्य, चाहे जहाँ जिस रूप में भी हों, को आलोकित, अंकित, चिन्हित, प्रतीकित करती चलती है । आँधी, तूफान इसे रोक नहीं सकते, बल्कि वहाँ यह और तेज हो जाती है । यहाँ ‘कविता % समय, समाज और विचारधारा’ पुस्तक के द्वारा अभी के महत्वपूर्ण कुछ सवालों पर विभिन्न रचनाकारों के विचार एक जगह प्रस्तुत किए जा रहे हैं । ऐसे सवालों पर पुस्तक– रूप में इस प्रकार की प्रस्तुति संभवत% पहली बार की जा रही है ।

फोटो नाम और परिचय अन्य पुस्तकें
शंभु बादल शंभु बादल

अभी तक कोई रिव्यु नहीं दिया गया है।

रिव्यु दें

रिव्यु दें

रिव्यु दें

सम्बन्धित पुस्तकें

आपके द्वारा हाल ही में देखी गई पुस्तकें