पुरानी सरकार (जारशाही) में अधिकारियों को भारी वेतन मिलता था । उनमें से अधिकांश को एक सप्ताह में उतना मिलता था जितना अब एक सोवियत अधिकारी को एक साल में मिलता है । बोल्शेविकों ने कहा कि मजदूर सरकार के अधिकारियों का वेतन एक औसत मजदूर से अधिक नहीं होना चाहिए । उन्हें डर था कि अच्छे वेतन वाले अधिकारियों और जीविका चलाने के लिए मजदूरी पाने वाले मजदूरों के बीच खाई पैदा हो जाएगी । वे नयी नौकरशाही नहीं चाहते थे ।––––
––इसी पुस्तिका से
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अल्बर्ट रीस विलियम्स |
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